Sunday, 8 November 2015

विचार मन्थन-प्राक्कथन

प्राक्कथन 
मनुष्य का यथार्थ चित्र उसकी आकृति नही,विचार हैं| विचार आधार हैं जीवन का | विचार स्वस्थ हैं तो जीवन स्वस्थ हैं |विचारो का पतन ही जीवन का पतन हैं | राग-द्वेष की दल-दल से उबार कर जीवन को महानता की शिखर पर पहुँचाने की सामर्थ्य हैं विचारो में | अज्ञान निद्रा में सुप्त मन को सजग- सचेत कर आनंद में जागृत करते हैं विचार |
          विचार मन्थन की रूप में श्री कृष्ण कृपा का प्रसाद एवं अपनी ऋषि परम्परा तथा पूजय गुरुदेव का आशीर्वाद ही आपके हाथ में हैं | इन विचारो में सीधी सरल भाषा में अपने आपके लिए प्रेरणा हैं | कही मन को उद्बोधन, कही चेतावनी तो कही प्रेरणा | आनंद की स्वरों से झंकृत करने हेतु यह आवश्यक भी हैं | इन विचारो में कोई विद्व्ता या प्रयास नही - सहज भाव से जैसे प्रेरणा हुई,शब्द लेखनी पर उतर आएं ! पढ़े,समझे,विचार और जीवन को विचार पूर्वक जीने का निश्चय करे|

श्री कृष्ण कृपा सदैव बनी रही 
जय श्री कृष्ण  

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