Monday, 9 November 2015

विचार मन्थन-विचार जो जीना सीखा दे-7

श्री कृष्ण कृपा 
विचार मन्थन -विचार जो जीना सीखा दे

बात बात में स्वयं परेशान होने और दुसरो को परेशान करने से परहेज़ करे |
********************************

आत्म निरिक्षण अवश्य करते रहे |सोने से पूर्व रोज देखे -मेरा आज का दिन कैसे निकला !

********************************

कर्म का त्याग नही ,त्याग भाव से कर्म करो |

*********************************

अच्छा साहित्य पढ़ने का सवभाव बनाएं ! साथ साथ कभी कभी जीवन के पुस्तक को भी पढ़े |

**********************************

विचार ही उठाते हैं और विचार ही गिराते हैं |शुभ विचार  जीवन का उत्थान हैं,,अशुभ विचार पतन !
सकारात्मक सोच(पॉजिटिव थिंकिंग) रखें ,नकारात्मक (नेगेटिव) नही |सोच आशावादी,उत्साहवादी हो,निराशावादी नही !शांति-अशांति इसी पर निर्भर हैं |

************************************

गुणग्राही बने |अवगुणो में भी गुण देखे |अच्छाई का वर्ण करे ,अच्छे बने |

***********************************

किसी भी कारण से बुद्धि नही बिगड़े,ऐसा प्रयास करो और भगवान से प्रार्थना भी |

*********************************

अच्छा दिखने या कहलवाने के ही आदत नही ,अच्छा बनने का प्रयास करो |अच्छा वही,जिसके कर्म ऊँचे हैं |

********************************

बिज़ली के उपकरण अनेक हैं ,लेकिन उन्हें चलाने वाला करंट एक |रूप रंग वर्ण वर्ग अनेक लेकिन ईश्वरीय चेतना का करंट एक ही !

***********************************

कमियाँ अपनी देखो !जब तक अपनी कमी देखने और स्वयं स्वीकारने के आदत नही बनेगी कमी दूर हो ही नही सकती |

*********************************

पुरुषार्थी और परमार्थी बन कर जीवन जिओ,प्रमादी और स्वार्थी बनकर नही |

**********************************

भाव में कपट ओर स्वभाव में कटुता नही ; सहजता,सरलता भवन को भी अपना बनाती हैं,संसार को भी |

***********************************
समुद्र में हीरे-मोती ,जवाहरात का अपार भण्डार हैं |किनारे खड़े रह कर नही प्राप्त होगा |
आवश्यकता हैं भीतर गहरा उतरने की

*********************************
चिलम भी मिटटी से बनती हैं ,
सुराही भी |
चिलम ताप्ती हैं ,तपाती हैं |सुराही शीतल रहती हैं,शीतलता देती हैं |सुराही की तरह बनो,चिलम नही |

**********************************

मंत्र जाप एवं ध्यान साधना दवारा भीतर की गहन साम्राज्य में प्रवेश करो |विश्वाश रखो -भीतर सब कुछ हैं-ऊर्जा,ओज,प्रकाश ,ज्ञान-आनंद |
******************************

उस परमात्मा का साथ कभी नही छोड़ो ,जो कभी साथ नही छोड़ता |

***********************************

जिज्ञासा और विश्वास की कमी ही हमारे कल्याण में सबसे बढ़ी बाधा हैं |
*****************

No comments:

Post a Comment