Monday, 9 November 2015

विचार मन्थन-विचार जो जीना सीखा दे-8

श्री कृष्ण कृपा 
विचार मन्थन -विचार जो जीना सीखा दे

शाश्वत शांति के लिये,शांति की इच्छा नही;इच्छाओ  की शांति

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प्रेम की दुनिया में 'दो'  का प्रवेश नही |'मैं' को छोड़ो 'तू ही तू 'से नाता जोड़ो |

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मीठा बोले |कड़वा एवं अहित कर वचन बोलने से अच्छा मौन रहे |

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गो सेवा और गीता पाठ
नित्य नियम से मंत्रजाप |
करते रहो जब तक हैं स्वांस ||

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सतसंग सेवा सुमिरन हो बना रहे सदभाव |
शांत मन और मिट्ठी वाणी शीतल हो स्वभाव ||

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बड़प्पन किसी छोटे को निचा दिखने में नही ,उसे गले लगाने ,ऊँचा उठाने में हैं

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माता-पिता जन्म देते हैं और गुरु जीवन ! मातृ देवोभव  ,पितृ देवोभव  और आचार्य देवोभव ही हमारी भारीतय संस्कृति इसीलिए धन्य ओर प्रणम्य हैं ! 

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महाराज जी द्वारा रचित ऐसे और जीवन उपयोगी विचार जो विचार मन्थन -विचार जो जीना सीखा दे साहित्य में से कुछ यहाँ प्रकाशित किये गये हैं उनका और लाभ लेने के लिए एवं अन्य साहित्यो जैसे 

* गीता प्रेरणा

* ज्ञान साधना

* कृपा

* भजनांजली

* मेरा विश्वास

* अनुभव प्रसाद

* बना लो गीता जीवन गीत

* बढे सन्मार्ग की ओर

* ज्ञान छंदवाली

* गीता ज्ञान सुधा

* विचार मंथन

* जिओ गीता के संग

* कृपा(In English)

*Thought for bliss full life

*Lets's Move on right 

 का लाभ लेने के लिए आप आप निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते हैं

श्री कृष्ण कृपा धाम ,परिक्रमा मार्ग ,वृन्दावन
फ़ोन :  (0565)-2540418,2540106,3206418,3206106
Email:sri_krishnakripa@yahoo.co.in

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